1518 MP and MLa accused of serious crime can contest-elections supreme court decision may come up Today

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नई दिल्ली: राजनीति में अपराधीकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठ आज फ़ैसला सुना सकती है. फैसला इस बात को लेकर आना है कि क्या गंभीर अपराध में अदालत द्वारा आरोप तय होने से ही किसी व्यक्ति को चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिया जा सकता है. हालांकि इसको लेकर सरकार की दलील ये है कि कोर्ट इस पर क़ानून नहीं बना सकता क्योंकि ये संसद के अधिकार क्षेत्र में दखल होगा. अभी तक के क़ानून के मुताबिक आपरराधिक मामलों में दो साल से ज़्यादा की सज़ा होने पर जेल से बाहर आने के बाद 6 साल की अयोग्‌यता का प्रावधान है, जबकि करप्शन और NDPS में सिर्फ़ दोषी करार होना काफ़ी है. 

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पांच जजों की ये संविधान पीठ सुनाएगी फैसला 

1- जस्टिस दीपक मिश्रा

2- जस्टिस आरएफ़ नरीमन

3- जस्टिस एम खानविलकर

4- जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

5- जस्टिस इंदु मल्होत्रा

गंभीर अपराध के आरोपी चुनाव लड़ सकते हैं? आज आ सकता है सुप्रीम कोर्ट का फैसला

कौन है इस मामले के याचिकाकर्ता 

1- NGO पब्लिक इंटरेस्ट फ़ाउंडेशन

2- पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त जेसी लिंगदोह

3- BJP के वकील अश्विनी उपाध्याय

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क्‍या थी याचिकाकर्ताओं की दलील

– सुनवाई में जानबूझकर देरी की जाती है

– क़ानून तोड़ने वाले ही बन जाते हैं क़ानून बनाने वाले

– आरोप तय होने पर नेताओं के चुनाव लड़ने पर रोक लगे

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क्‍या थी केंद्र सरकार की दलील

– जब क़ानून मौजूद तो अदालत क़ाननू नहीं बना सकती

– नई अयोग्यताएं जोड़ना कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं

– ये संसद का अधिकार और कोर्ट इसमें दख़ल नहीं दे सकती

– चुनाव से पहले राजनीतिक विरोधी एक-दूसरे पर केस करेंगे

टिप्पणियां


कितने नेताओं पर आपराधिक मामले

– 1518 नेताओं पर केस, 98 सांसद

– 35 पर बलात्कार, हत्या और अपहरण के आरोप

– महाराष्ट्र के 65, बिहार के 62, पश्चिम बंगाल के 52 नेताओं पर केस

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