Lalu Yadav Targets Modi Govt Over Lathi charge on farmers

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खास बातें

  1. लालू यादव ने किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर सरकार पर साधा निशाना
  2. सरकार ने पूर्व पीएम शास्त्री जी की जयंती पर उनके नारे को ही बदल दिया
  3. लालू के बेटे तेजस्वी यादव ने भी सरकार पर जमकर हमला बोला

नई दिल्ली: विपक्षी दलों ने राष्ट्रीय राजधानी की तरफ मार्च कर रहे हजारों किसानों के खिलाफ मोदी सरकार पर ‘बर्बर पुलिस कार्रवाई’ करने का आरोप लगाया. एक तरफ कांग्रेस ने कटाक्ष किया कि ‘दिल्ली सल्तनत का बादशाह सत्ता के नशे में है.’ तो वहीं दूसरी तरफ राजद सुप्रीमो लालू यादव ने कहा कि जय जवान, जय किसान का नारा देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर अच्छे दिनों की छलावा करने वाली सरकार ने उस नारे को ‘मर जवान, मर किसान’ में तब्दील कर दिया. वहीं, लालू यादव के बेटे तेजस्वी  ने कहा कि पूंजीपतियों के दलालों, अन्नदाताओं की मांगे पूरी करो या सिंहासन ख़ाली करो. बसपा प्रमुख मायावती ने भी किसानों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर मोदी सरकार पर हमला बोला. बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि यह भाजपा सरकार की निरंकुशता की पराकाष्ठा है, जिसका खामियाजा भुगतने के लिए उसे तैयार रहना चाहिए.

 


राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक के बाद एक कर कई ट्वीट किये और मोदी सरकार पर हमला बोला.  तेजस्वी ने ट्वीट किया, ‘मोदी जी, माना किसान पूंजीपतियों की तरह आपकी जेबें नहीं भर सकते, लेकिन कम से कम उनके सिर पर डंडे तो मत मरवाइये. अगर आपने गरीबी देखी होती तो किसानों पर इतने जुल्म नहीं करते.’ 

 

 

इसके बाद तेजस्वी ने एक और ट्वीट कर लिखा, ‘जुमलेबाजों के ज़ुल्मों से परेशान किसान ने लाठी उठा ली है. कोई बचा नहीं पाएगा. पूंजीपतियों के दलालों, अन्नदाताओं की मांगे पूरी करो अन्यथा सिंहासन खाली करो. ये धरती पुत्र है तानाशाही को लाठी में लिपटा कर आसमान में फेंक देंगे और धरती में गाड़ देंगे. 

 

 

उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा, किसानों की मांगों का राजद पूर्ण समर्थन करती है. चाय वाले पूंजीपति की सरकार द्वारा अन्नदाताओं को दिल्ली आने से रोका जा रहा है, वहीं ठगों और लुटेरों को देश का लाखों करोड़ लुटवाकर ससम्मान विदेश भेजा जा रहा है. किसानों के साथ ऐसा सलूक बर्दाश्त नहीं होगा.

 


उन्होंने आगे लिखा, ‘मोदी सरकार ने भी स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को कूड़े में फेंक किसानों की पीठ में छुरा घोंपा है. मोदी जी, माना किसान पूंजीपतियों की तरह आपकी जेबें नहीं भर सकते, लेकिन कम से कम उनके सिर पर डंडे तो मत मरवाइए. अगर आपने ग़रीबी देखी होती तो किसानों पर इतने ज़ुल्म नहीं करते.



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